मेरी खामोशी तुम्हारी हर चाल पढ़ रही है बेवफाई नजरअंदाज कर रही है दिल तोड़ कर जितना चाहे मुस्कुरा लो मेरी वफा तुम्हारी करतूतों का हिसाब कर रही है
1. मैं जिंदगी के सफर में तन्हा भटक रहा था तुम मिली तो मुकद्दर मुकम्मल हुई हैं। 2. मेरे हर धड़कन में तेरा नाम होता है लफ्ज़ खामोश है फिर भी नजरों से इश्क का पैगाम होता है इस हकीकत से बेखबर हो आजकल तेरी ख्वाबों खयालों में अपना सुबह शाम होता है। 3. हवाओं में घोलकर एक अरमान भेजा है रोशनी के जरिए एक संदेश भेजा है इसे कबूल कर लेना मैं कितना प्यार करता हूं पहली दफा इसका हिसाब भेजा है। 4. जब कोई खबर, कोई पैगाम आता है फिर कहीं मेरे दिल को आराम आता है सुबह शाम हर वक्त ख्वाबों खयालों में डूबा हूं मैं किसी को खूबसूरत इंसान कहूं तो सिर्फ तुम्हारा नाम आता है।